बड़ी ख़बरें

तत्काल और कैंसिल टिकट के लिए रेलवे की नई शुरुआत, अब नहीं होगा आपको नुकसान भारत दुनिया का छठा सबसे अमीर देश, कुल संपत्ति 8,230 अरब डॉलर : रिपोर्ट राहुल गांधी के ‘प्लान बी’ ने पलट दी कर्नाटक की सियासी बाजी डीके शिवकुमार : वो कांग्रेस नेता, जिसकी वजह से कर्नाटक के CM बनेंगे कुमारस्वामी येदियुरप्पा के साथ ऐसा क्यों होता है? कर्नाटक जैसे 'सियासी संकट' में टूटने से कैसे बचाए जाते हैं विधायक? 55 घंटे में ही गिर गयी कर्नाटक में बीजेपी की सरकार, येदियुरप्पा ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा कर्नाटक में आज बीजेपी की अग्निपरीक्षा, जानिए कैसे होगा फ्लोर टेस्ट इलाहाबाद: अखाड़ा परिषद नहीं करेगा कुंभ में शाही स्नान का बहिष्कार काशी में अब श्रद्धालु 'क्रूज' पर बैठकर देख सकेंगे विश्व-प्रसिद्ध गंगा आरती

कुलदीप की फिरकी का कमाल, कोलकाता की जीत से राजस्थान पर संकट

कोलकाता: कोलकाता ने मंगलवार को आईपीएल के अहम मुकाबले में अपने घर ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए मैच में राजस्थान को एकतरफा मुकाबले में छह विकेट से हरा दिया. कोलकाता के गेंदबाजों ने राजस्थान को अच्छी शुरुआत के बाद भी 19 ओवरों में 142 रनों पर ढेर कर दिया और फिर क्रिस लिन (45), कप्तान दिनेश कार्तिक (नाबाद 41) और सुनील नरेन के सात गेंदों में बनाए गए 21 रनों की बदौलत 18 ओवरों में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया. 

टॉस जीतकर कोलकाता के कप्तान कार्तिक ने गेंदबाजी का फैसला किया. राजस्थान को जोस बटलर (39) और राहुल त्रिपाठी (27) ने अच्छी शुरुआत दी थी, लेकिन उसके बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा सके और टीम बड़े स्कोर से वंचित रह गई. राजस्थान का पहला विकेट 63 के कुल स्कोर पर गिरा था. यहां से उसने अपने बाकी के नौ विकेट महज 79 रनों के भीतर खो दिए. इसमें कोलकाता के कुलदीप यादव का अहम योगदान रहा जिन्होंने चार विकेट लेकर राजस्थान के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी.

इस जीत के बाद कोलाकाता के 13 मैचों में सात जीत और छह हार के साथ 14 अंक हो गए हैं और वह चौथे स्थान पर आ गई है. इस जीत ने कोलकाता की प्लेऑफ की उम्मीदों को बरकरार रखा है लेकिन राजस्थान की उम्मीदों को झटका लगा है. राजस्थान को अब एक मैच खेलना है और उस मैच में जीत ही उसे प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रख सकती है. इसके अलावा उसे बाकी टीमों के प्रदर्शन पर भी निर्भर रहना होगा. 

आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता को नरेन ने आक्रामक शुरुआत दी और कृष्णाप्पा गौतम द्वारा फेंके गए पहले ओवर में दो चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन जोड़े, लेकिन अगले ओवर में बेन स्टोक्स ने उनकी पारी का अंत कर दिया. लिन हालांकि विकेट पर टिक कर स्कोर बोर्ड चला रहे थे. स्टोक्स ने अपने अगले ओवर में रोबिन उथप्पा (4) को 36 के कुल स्कोर पर पवेलियन भेज मेजबान टीम को दूसरा झटका दिया. नीतीश राणा ने 17 गेंदों में 21 रनों की पारी खेली और 69 के कुल स्कोर पर तीसरे विकेट के रूप में ईश सोढ़ी का शिकार बने. 

लिन की पारी का अंत स्टोक्स ने 117 रनों के कुल स्कोर पर किया. लिन ने 42 गेंदों में पांच चौके और एक छक्का लगाया. यहां से कप्तान ने आंद्रे रसेल (नाबाद 11) के साथ मिलकर टीम को दो ओवर पहले ही जीत दिला दी.

इससे पहले, लगातार गिरते विकेटों को देखकर राजस्थान का 130 के पार पहुंचना भी संभव नहीं लग रहा था, लेकिन जयदेव उनादकट ने अंत में 18 गेंदों में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 26 रनों की पारी खेल टीम को इस स्कोर तक पहुंचाया. राहुल और बटलर ने राजस्थान को वही शुरुआत दी जिसकी उसे जरूरत थी. दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 4.5 ओवरों में ही तेजी से 63 रन जोड़ डाले. रसेल ने राहुल को एक बाउंसर फेंकी और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर कार्तिक के हाथों में जा समाई.

कप्तान अजिंक्य रहाणे (11) कुलदीप की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में 76 के कुल स्कोर पर बोल्ड हो गए. यहां से विकेट लगातार अंतराल पर गिरने लगे. कुलदीप ने ही बटलर की पारी का अंत किया और उन्हें 85 के कुल स्कोर पर सियरलेस के हाथों कैच कराया. संजू सैमसन का बल्ला भी नरेन के आगे चल नहीं सका और वह 95 के कुल स्कोर पर पगबाधा करार दे दिए गए. दो रन बाद स्टुअर्ट बिन्नी को कुलदीप ने काíतक के हाथों स्टम्प करा राजस्थान को पांचवां झटका दिया.

गौतम (3), स्टोक्स (11) और सोढ़ी (1) भी टीम की डूबती नैया को संभाल नहीं सके. राजस्थान ने 128 रनों के कुल स्कोर तक अपने आठ विकेट खो दिए थे. यहां से जयदेव ने संघर्ष किया और कुछ अच्छे शॉट्स लगाए. वह आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए. कुलदीप के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा और रसेल ने दो-दो विकेट लिए. शिवम मावी और नरेन को एक-एक सफलता मिली. 

खबर हटके | और पढ़ें


लखनऊ, उन्नाव रेप केस में सीबीआई को जांच करते करीब एक महीने से भी ज्यादा हो चुके हैं. सूत्रों के अनुसार सीबीआई के पास इस बात के 'ठोस सबूत' हैं,...

हम हर दिन होने वाली घटनाओं को अपने दिमाग की तह में बिठा लेते हैं, समय बितने के साथ कभी-कभी हम उनको याद भी करते हैं. लेकिन हमारे याददाश्त की भी एक सीमा है.

वक्त के साथ-साथ हम बहुत सी बातें भूल भी जाते हैं. इसे मेमोरी लॉस कहते हैं और...

अगर आप से कहा जाए कि आप आंखों पर पट्टी बांधकर किताब पढ़ें तो आप सोच में पड़ जाएंगे कि ऐसा कैसे मुमकिन है. बेशक ये दूसरों के लिए नामुमकिन सी चीज़ है पर अब्दुल बिलाल खान के लिए बाएं हाथ का खेल है. बिलाल आंखों पर पट्टी बांधकर ना...

वीडियो | और पढ़ें


Copyright © 2017 Indian Live 24 Limited.
Visitors . 128847