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कर्नाटक किसका : कांग्रेस-JDS एक साथ, बहुमत से 8 सीट दूर बीजेपी, निगाहें राज्यपाल पर

नई दिल्ली, कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति सामने आने के बाद सबसे बड़े दल भाजपा और कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. इसके बाद राज्य में भावी सरकार को लेकर संशय और गहरा गया है. सरकार बनाने की जारी रस्साकशी के बीच बुधवार को सुबह 10:30 बजे कर्नाटक भाजपा विधायक दल की बैठक प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुलाई गई है.

अब सारी नजरें राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिक गई हैं. उन्हें फैसला करना है कि वह सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी भाजपा को आमंत्रित करें या कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन को बुलाएं. इस गठबंधन को अब तक घोषित परिणामों के अनुसार 115 सीटें मिलीं हैं.

जेडी (एस) नेता कुमारस्वामी ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें बताया कि वह निर्वाचन आयोग से अधिकृत नतीजे आने के बाद ही इस पर फैसला करेंगे. राज्य की 224 में से 222 विधानसभा सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. चुनाव आयोग द्वारा अब तक घोषित परिणाम के अनुसार जिन 222 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराए गए थे उसमें से 221 के परिणाम घोषित किए जा चुके है.

विधानसभा की दलगत स्थिति
भाजपा ने 103 सीटों पर जीत हासिल कर ली है जबकि एक सीट पर वह अभी भी आगे चल रही है. कांग्रेस ने 78 सीटों पर जीत दर्ज कर ली. जद (एस) ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि उसकी सहयोगी बसपा ने एक सीट अपनी झोली में डाली है. केपीजेपी को एक सीट मिली है जबकि एक सीट पर निर्दलीय ने जीत हासिल की है.

भाजपा और कांग्रेस-जेडीएस दोनों ने राज्यपाल से मिलने में दिखाई तत्परता
नतीजे लगभग साफ हो जाने के बाद दोनों पक्षों ने जरा भी समय गंवाए बिना राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया. इस दौरान राजभवन के बाहर दोनों राजनीतिक पक्षों के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे. भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. उन्होंने कांग्रेस और जद (एस) के सरकार गठन के दावे को पिछले दरवाजे से सत्ता में आने की कोशिश करार दिया.

राज्यपाल से मिले सिद्धरमैया, आजाद और खड़गे
निर्वतमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जेडी (एस) के प्रदेश प्रमुख एचडी कुमारस्वामी समेत दोनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल वाला से मुलाकात की और सरकार गठन के लिए मौका दिए जाने का अनुरोध किया. राज्यपाल से मिलने के बाद कुमारस्वामी ने कहा, ‘चर्चा के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने हमारी पार्टी के अध्यक्ष को समर्थन देने का पत्र दिया. अपनी पार्टी की तरफ से कांग्रेस नेताओं के साथ हमने राज्यपाल से कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का अवसर देने का अनुरोध किया. दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हमें प्राप्त है.’ जेडी (एस) ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें बताया कि वह निर्वाचन आयोग से अधिकृत नतीजे आने के बाद इस पर फैसला लेंगे.

कांग्रेस को 38, भाजपा को 36.2, जेडी (एस) को 18.3 फीसदी मत मिले
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार कांग्रेस को 38 फीसदी मत मिले हैं, जबकि भाजपा को 36.2 फीसदी मत ही प्राप्त हुए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की जेडी (एस) को 18.3 फीसदी वोट मिले हैं. देवगौड़ा के पुत्र एचडी कुमारस्वामी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं.

हम किसी भी स्थिति के लिए हैं तैयार: आजाद
इस बीच, निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने जद (एस) को समर्थन का ऐलान करके भाजपा की जीत के रंग में भंग डालने की कोशिश की. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने इंडिया टुडे टीवी चैनल से कहा, हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं. कर्नाटक चुनाव के नतीजों को 2019 के आम चुनावों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था. कर्नाटक एकमात्र बड़ा गैर भाजपा शासित राज्य था और यहां की हार-जीत दोनों खेमों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई थी.

मणिपुर और गोवा प्रकरण से सबक लेकर कांग्रेस ने दिखाई तत्परता
कांग्रेस के तुरंत जेडी (एस) को सरकार बनाने के लिये समर्थन देने का ऐलान करने से दिखा कि उसने मणिपुर और गोवा के प्रकरण से सबक ले लिया है. उन दोनों राज्यों में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने के बावजूद भाजपा की राजनैतिक चपलता की वजह से कांग्रेस सरकार बनाने में नाकाम रही.

त्रिशंकु विधानसभा के बाद कांग्रेस ने दिया जेडी (एस) को समर्थन
निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने गुलाम नबी आजाद सहित कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के साथ एक बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, हमने साथ मिलकर चर्चा की और यह फैसला किया. कांग्रेस जद (एस) का समर्थन करेगी क्योंकि यहां त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति है, किसी भी पार्टी को जनता ने स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है. सिद्धरमैया ने राज्यपाल वजुभाई वाला को अपना इस्तीफा सौंप दिया. उन्होंने कहा, लोकतंत्र में हमें जनादेश को स्वीकार करना होगा. हमने इसे स्वीकार किया है.

कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन के पास हैं 115 विधायक
कांग्रेस के समर्थन का ऐलान करने के तुरंत बाद कुमारस्वामी ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सूचित किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की पेशकश स्वीकार कर ली है. कांग्रेस ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद सिद्धारमैया और कुमारस्वामी ने मीडिया से बात की. सिद्धारमैया ने कहा कि कांग्रेस ने बिना शर्त जेडी(एस) को समर्थन देने की बात कही है. उन्होंने कहा कि हमने राज्यपाल को बताया है कि हम सरकार बनाने की स्थिति में हैं. हमारे पास 115 सीट है और हम सरकार बना सकते हैं.

पिछले दरवाजे से सत्ता पाने का प्रयास कर रही है कांग्रेस: येदियुरप्पा
भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस पर अनुचित तरीके से सत्ता हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता ने सिद्धरमैया सरकार को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, कांग्रेस लोकप्रिय जनादेश को पलटने और पिछले दरवाजे से सत्ता में लौटने का प्रयास कर रही है. कर्नाटक की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी.

आम परंपरा के अनुसार राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी या चुनाव पूर्व गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करता है और त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में उसे सदन में बहुमत साबित करने को कहता है. चूंकि कांग्रेस और जद (एस) का चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं है इसलिये यह देखने वाली बात है कि क्या राज्यपाल कुमारस्वामी को सरकार बनाने के लिये आमंत्रित करते हैं अथवा नहीं.

BJP को सबसे बड़ी पार्टी बताने पर आजाद ने उठाए सवाल 
कर्नाटक में सबसे बड़े दल के कारण राज्यपाल से सरकार गठन के लिए आमंत्रित किए जाने की बीजेपी की मांग पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी में अब नियम चेंज नहीं हो सकते. कर्नाटक में अचानक सबसे बड़ी (सिंगल लारजेस्ट) पार्टी का हक कैसे हो गया? उन्होंने सवाल पूछा कि गोआ, मणिपुर और मेघालय में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी तब हमें सरकार बनाने का मौका क्यों नहीं मिला? क्या पांच साल जेडीएस का सीएम होगा, के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने कोई डिटेल अभी तय नहीं किया है. हम दोनों दल मिलाकर 115 एमएलए हैं. हम स्थाई सरकार देंगे.

राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने को बुलाया तो होगी तोड़-फोड़
कांग्रेस नेता ने गुलाम नबी आजाद ने कहा, अगर राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए बुलाया तो इसका मतलब हॉर्स ट्रेडिंग होगी, पैसा चलेगा, रिश्वत चलेगी और MLA की तोड़-फोड़ होगी. मुझे भरोसा है कि राज्यपाल संविधान की गरिमा के मुताबिक काम करेंगे, हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा नहीं देंगे. जब हमारे पास 117 हैं जबकि उनके पास 104 तो कौन स्थाई सरकार देगा.

कांग्रेस के लिंगायत विधायकों समेत 5 JDS विधायक BJP के संपर्क में
सूत्रों के मुताबिक खबर आ रही है कि कांग्रेस खेमे के लिंगायत विधायकों समेत जेडीएस के 5 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. बीजेपी आलाकमान को उम्मीद है कि सबसे पड़ी पार्टी के नाते राज्यपाल बीजेपी को ही सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे.

एक सीट से इस्तीफा देंगे कुमारस्वामी 
गौरतलब है कि कुमारस्वामी दो सीटों पर चुनाव जीते हैं. बीजेपी कुमारस्वामी पर इन दोनों में से एक से जल्दी से जल्दी इस्तीफ़ा देने के दबाव बनाने वाली है. बीजेपी इस मामले को राज्यपाल सामने भी रखेगी कि विश्वास मत से पहले कुमारस्वामी दो जीती हुई सीटों में से एक से इस्तीफ़ा दें.

इन दो सीटों पर बाद में होंगे चुनाव
आर आर नगर सीट पर कथित चुनावी कदाचार की वजह से चुनाव टाल दिया गया जबकि जयनगर सीट पर भाजपा प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित किया गया है.

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