बड़ी ख़बरें

बीजेपी हेडक्वार्टर लाया गया वाजपेयी का पार्थिव शरीर, शाम 4 बजे होगा अंतिम संस्कार अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में सुप्रीम कोर्ट में आज 1 बजे तक ही होगा कामकाज 7 दशक तक लखनऊ की 'रगों' में 'बहते' रहे अटल, हर सड़क पर बिछी हैं यादें अटल जी के निधन के शोक में आज यूपी में सार्वजनिक अवकाश, बाजार भी रहेंगे बंद पाकिस्‍तान भी होगा अटल जी के अंतिम संस्‍कार में शामिल, यह नेता करेगा शिरकत भारत-पाक संबंधों के सुधार के लिए वाजपेयी जी के प्रयासों को हमेशा याद किया जाएगा : इमरान खान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन, शोक में डूबा देश एम्स में पूर्व PM वाजपेयी को देखने पहुंचे वेंकैया नायडू-अमित शाह, हालत बेहद नाजुक अटल बिहारी वाजपेयी को देखने AIIMS पहुंच सकते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ देवरिया शेल्‍टर होम: SP देवरिया के साथ हटाए गए CO सदर, विभागीय जांच के आदेश

इस बैंक को बेच रही है सरकार, जानिए कौन है खरीदार

सरकार आईडीबीआई बैंक में बड़ा हिस्सा बेचना चाहती है. सूत्रों के मुताबिक एलआईसी, आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सा खरीद सकती है. सरकार की अभी बैंक में 81 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि एलआईसी के पास बैंक के करीब 11 फीसदी शेयर हैं. आईआरडीए नियमों के मुताबिक कोई इश्योरेंस कंपनी किसी भी दूसरी कंपनी में 15 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं खरीद सकती है. इस नियम के मद्दे नजर एलआईसी ने इस डील के लिए आईआरडीए से कुछ छूट की मांग की है.आपको बता दें कि बैंक के सीईओ एमके जैन को हाल ही में रिजर्व बैंक का डिप्टी गवर्नर बनाया गया है. अब एसबीआई के मैनेजिंग डायरेक्टर बी श्रीराम को 21 जून से बैंक का नया सीईओ बनाया गया 

अब क्या होगा-सरकार IDBI बैंक का जुलाई तक हिस्सा बेचना चाहती है. मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, सरकार की IDBI बैंक में LIC को 40-43 फीसदी हिस्सा बेचने की योजना है. सरकार को इससे 10000 से 11000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है.

सरकार की अभी आईडीबीआई बैंक में 81 फीसदी हिस्सेदारी है.सरकार बैंक में अपना हिस्सा घटाकर 50 फीसदी से कम करना चाहती है. इसका मतलब बैंक का नियंत्रण बड़ी हिस्सेदारी लेने वाली कंपनी के हाथ में आ जाएगा.सरकार ने 2016 के केंद्रीय बजट में IDBI बैंक का हिस्सा बेचने का एलान किया था.

बैंक के बोर्ड की अगले 5 साल के लिए पूंजी जुटाने की योजना पर जल्द ही बैठक है. रिपोर्ट के मुताबिक LIC का बोर्ड सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बैंक में बड़ी हिस्सेदारी लेने पर विचार कर सकता है.

बैंक को क्यों बेच रही है सरकार- आईडीबीआई बैंक उन बैंकों में गिना जाता है जिसका एनपीए बहुत ज्यादा है. 21 मार्च 2018 को बैंक का एनपीए 28 फीसदी था. एनपीए के चलते ही बैंक की दिक्कतें बढ़ी हैं. इस कारोबारी साल आईडीबीआई बैंक को 18 हजार करोड़ रुपये पूंजी की जरूरत है. ऐसी स्थिति में सरकार के पास इसमें नए निवेशक को लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है.फिच की भारत यूनिट इंडिया रेटिंग्स ने IDBI की रेटिंग घटा कर उसकी एसेट क्वालिटी के और खराब होने की चेतावनी दी है.

किसकी कितनी हिस्सेदारी- 21 मार्च 2018 को बैंक का एनपीए 28 फीसदी था. अभी IDBI बैंक में LIC की 10.82 फीसदी हिस्सेदारी है. सरकार की बैंक में 80.96 फीसदी हिस्सेदारी है.
 

खबर हटके | और पढ़ें


लखीमपुर खीरी, आपने पुलिस का असलहा गुम होते सुना होगा. वर्दी चोरी होते हुए सुनी होगी. गहने पैसे चोरी करते सुना होगा, पर पुलिस की पगार गुम होने की खबर...

आगरा, उत्तर प्रदेश के आगरा में सड़क निर्माण में भयंकर लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों ने एक सोते हुए कुत्ते के ऊपर ही सड़क बनवा दी. गर्म चारकोल और कंक्रीट की वजह से कुत्ते की मौके पर ही जान चली गई. पुलिस ने कंस्ट्रक्शन...

फैजाबाद, फैजाबाद जिला अस्पताल की एक तस्वीर हम आपको दिखाते हैं जिसको देखकर आपको लगेगा कि मानवों में भले ही मानवता कम होती जा रही है लेकिन मवेशियों में मानवता अभी भी बरकरार है. फैजाबाद जिला अस्पताल के जनरल वार्ड के सामने पड़े एक घायल पर आने जाने वाले लोगों...

वीडियो | और पढ़ें


Copyright © 2017 Indian Live 24 Limited.
Visitors . 21488