बड़ी ख़बरें

लखनऊ विश्वविद्यालय मामला : राज्यपाल से मिला सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल इस मामले में शाहरुख पर बिल्कुल भरोसा नहीं करतीं गौरी खान! तीसरे टी20 में रोहित शर्मा नहीं, 18 गेंदों ने किया इंग्लैंड का 'काम-तमाम'! थाईलैंडः बौद्ध भिक्षु रह चुका है गुफा में फंसा कोच, बच्चों को इतने दिन यूं रखा जिंदा ब्रिटेन में घर मेरे नाम पर नहीं, कोई इन्‍हें छू भी नहीं सकता: विजय माल्‍या कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या, योगी ने दिए न्यायिक जांच के आदेश बुरहान की दूसरी बरसी पर हिज्बुल में शामिल हुआ IPS ऑफिसर का भाई, मेडिकल की कर रहा था पढ़ाई नाम में क्‍या रखा है? इन आशा वर्कर्स से पूछिए जो इसी नाम का कंडोम बांटती हैं तो ऐसे प्रेम प्रकाश सिंह बन गया माफिया डॉन 'मुन्ना बजरंगी', ये अब तक की 'पूरी कहानी' द. कोरियाई राष्ट्रपति के साथ आज नोएडा आ रहे पीएम मोदी, देंगे सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री की सौगात

सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने लोन पर ब्याज की दरें बढ़ा दी हैं. बैंक ने MCLR (मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट्स) में 0.05 फीसदी का इजाफा किया है. इस फैसले से ग्राहकों की होम, कार और पर्सनल लोन ईएमआई बढ़ जाएंगी. आपको बता दें कि नर्इ दरें शनिवार से लागू हो गर्इ हैं. इससे पहले एसबीआई समेत कई बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ाने का ऐलान किया है.

बैंक ने बढ़ाई ब्याज दरें- बैंक ने विभिन्न अवधि के लोनों पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है. इस बैंक के ग्राहकों को अब एक महीने, तीन महीने, छह महीने और एक साल के लोन पर 0.05 फीसदी ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा. ब्याज की दरें बढ़कर क्रमशः 8.5 फीसदी, 8.15 फीसदी, 8.35 फीसदी और 8.50 फीसदी हो गर्इ हैं. बैंक हर महीने अपने एमसीएलआर की समीक्षा करते हैं. बाजार की मौजूदा स्थितियों को देखते हुए ये इन्हें घटाने या बढ़ाने का फैसला करते हैं.

RBI भी बढ़ा चुका है ब्याज दरें-जून में भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में एक चौथार्इ फीसदी की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद तमाम बैंकों ने अपने एमसीएलआर को बढ़ाया था. केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों को बढ़ाए जाने की आशंका के चलते भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआर्इ) सहित कुछ बैंकों ने तो पहले ही ब्याज दरों को बढ़ाने का एलान कर दिया था. 

आपको बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआर्इ बैंकों को कर्ज देता है. इसमें बढ़ोतरी होने पर अक्सर बैंक अपनी ब्याज दरों को बढ़ा देते हैं. कारण यह है कि इससे उनके फंड की लागत बढ़ जाती है. 

खबर हटके | और पढ़ें


त्य्र

...

फ्द्ग्फ्ग्द

...

ग्ज्ग्फ्ज

...

वीडियो | और पढ़ें


Copyright © 2017 Indian Live 24 Limited.
Visitors . 144324