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लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सही मायने में सच्चे समाजवादी नेता थे. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने हमेशा देश के गरीब, किसान, मजदूर एवं वंचित वर्गों के कल्याण और इन वर्गों के हितों में लगातार संसद में अपनी आवाज बुलंद की. संसद में उनके योगदान के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद भी चुना गया. देश में संसदीय परम्पराओं को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा.

मुख्यमंत्री रविवार को यहां पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि पर विधानसभा भवन के सेंट्रल हॉल में ‘राष्ट्रपुरुष चंद्रशेखर -संसद में दो टूक भाग-दो’ पुस्तक के विमोचन अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे. कार्यक्रम के प्रारम्भ में उन्होंने चंद्रशेखर  के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.

उन्होंने कहा कि उन्हें चंद्रशेखर  के साथ संसद में कार्य करने का अवसर मिला है. संसद में बहस के दौरान विभिन्न विषयों पर उनके द्वारा व्यक्त किए गए विचार दलगत राजनीति से हटकर मौलिक एवं भारतीय परिप्रेक्ष्य में प्रयुक्त होने वाले थे. उन्होंने अपने मूल्यों और आदर्श के साथ कभी समझौता नहीं किया. उनका मानना था कि अगर हौसला नहीं होगा तो फैसला नहीं होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पद एवं प्रतिष्ठा को लेकर चंद्रशेखर में कोई अहम नहीं था. वे हमेशा भारतीय परम्परा और राष्ट्र की मर्यादा के प्रबल समर्थक रहे. कोई व्यक्ति हमेशा नहीं रहता, लेकिन विचार शाश्वत होते हैं, चंद्रशेखर  वैचारिक क्रांति के प्रतीक थे.

उन्होंने कहा कि विचारधारा का अंतिम उद्देश्य लोक कल्याण एवं राष्ट्र कल्याण होना चाहिए. चंद्रशेखर  हमेशा बिना लाग-लपेट के संसद में बेबाकी से अपनी बात कहते थे. निश्चित रूप से कुछ लोगों को उनके विचार कठोर लगते रहे होंगे, लेकिन वे देशहित में ही बोलते थे. वे हमेशा संविधान के दायरे में रहकर लोकतांत्रिक ढंग से राजनीति करने के हिमायती रहे. इसीलिए वर्ष 1975 में जब देश में आपातकाल लगाया गया तो उस समय उन्होंने कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया.

योगी ने कहा कि चंद्रशेखर का मानना था कि भारत जैसे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में घरेलू और कुटीर उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है. इसके दृष्टिगत वर्तमान सरकार ने प्रदेश में ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना लागू की है. वह कॉमन सिविल कोड को जरूरी मानते थे. उनका कहना था कि समाज और देश के हित में यह आवश्यक है कि सभी के लिए कानून एक समान हो.

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