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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में योगी सरकार केजी से पीजी तक फ्री एजुकेशन देने की तैयारी कर रही है. इसके लिए डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा के निर्देश पर शिक्षा विभाग में कमेटी का गठन भी कर दिया गया है. कमेटी का प्रस्ताव आने के बाद अगले साल से इस योजना को लागू करने का प्रयास किया जाएगा.

गुरुवार को डॉ दिनेश शर्मा ने उच्च और माध्यमिक शिक्षा विभाग का सत्र नियमित करने के लिए अहम बैठक की जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इसमें यह भी फैसला शामिल था.

डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि विभाग का प्रयास है कि सरकारी विद्यालय में जो बच्चा केजी में दाखिला ले उसे पीजी तक निशुल्क शिक्षा मिल सके. इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है. डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि अब माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग में सभी छात्रों से दाखिले के समय आधार नंबर लेने की तैयारी की जा रही है.

बैठक में निर्णय लिया गया कि अब प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों का एक समान शैक्षिक कैलेंडर होगा. सभी विश्वविद्यालय 5 जुलाई से शिक्षकों को बुलाएंगे और 10 जुलाई से कक्षाएं चलेंगी. जहां एनुअल मोड में पढ़ाई होती है, वहां 5 मार्च से 30 अप्रैल के बीच परीक्षाएं कराकर 5 जून तक रिजल्ट घोषित करना होगा. वहीं सेमेस्टर मोड में नवंबर चौथे सप्ताह से ऑड सेमेस्टर और 10 मई तक इवेन सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी. सभी विश्वविद्यालयों में 15 मई से समर वेकेशन शुरू होगी.

डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि सभी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह अब सितंबर और अक्टूबर के दौरान होंगे. वहीं बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सभी विश्वविद्यालयों में पीएचडी के लिए कॉमन ऑर्डिनेन्स तैयार कराया जाएगा. इसके लिए 5 कुलपतियों की समिति बनाई गई है. इसमें लखनऊ, फैजाबाद, कानपुर और आगरा विश्वविद्यालय के अलावा एकेटीयू के कुलपति भी शामिल हैं.

बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों और वहां के शिक्षकों का डाटा बैंक बनाया जाएगा जो आधार से लिंक होगा. इसकी जिम्मेदारी एकेटीयू को दी गई है. डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि जिस तरह निजी स्कूलों के लिए शुल्क नियंत्रण अध्यादेश लगाया गया है वैसे ही सेल्फ फाइनेन्स डिग्री कॉलेजों की फीस पर भी लगाम लगाई जाएगी. इसके अलावा शिक्षक भर्ती के लिए पात्र अभ्यर्थियों को स्क्रीनिंग परीक्षा देने पर भी फैसला करने के लिए कमेटी को प्रस्ताव बनाने को कहा गया है.

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