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लखनऊ, प्रयाग में जनवरी 2019 में लगने वाले कुम्भ में पॉलीथीन बैग पूरी तरह से बैन करने को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निगम इलाहाबाद और प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड से जानकारी मांगी है. कोर्ट ने पूछा है कि पॉलीथीन बैन करने के राज्य सरकार के 22 दिसम्बर 2015 के शासनादेश का सख्ती से पालन क्यों नहीं हो रहा है?

राज्य सरकार ने इस आदेश में 40 माइक्रान से कम की पॉलीथीन के यूज, सेल और स्टोरेज पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगा रखा है. कोर्ट ने नगर निगम से प्लास्टिक कचरे के रिसाइक्लिंग को लेकर भी जानकारी मांगी है. हाईकोर्ट ने 15 जून को सुनवाई की अगली तिथि नियत की है. लॉ इन्टर्न कार्तिकेय कुमार, मानसी राजपूत और कार्तिकेय सिंह ने जनहित याचिका में हर्ष वर्धन चौराहे से संगम नोजतक पॉलीथीन फ्री जोन घोषित करने की भी मांग की है. मामले की सुनवाई जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस अजीत कुमार की डिवीजन बेंच में हुई.

एचआईवी पॉजिटिव एसिड अटैक पीड़िता को लेकर HC ने सरकार से मांगा जवाब

उधर एचआईवी पॉजिटिव कौशाम्बी की एसिड अटैक पीड़ित महिला के इलाज की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से जानकारी मांगी है. कोर्ट ने सरकार के अधिवक्ता से पीड़िता के इलाज को लेकर अब तक उठाये गए कदमों की विस्तृत जानकारी मांगी है. कोर्ट ने पूछा है स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती पीड़िता के वार्ड में 31 मई के बाद से कितने डॉक्टरों और स्टाफ की तैनाती रही है.

विधि छात्रा तनुश्री और कई अन्य की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर चीफ स्टैण्डिंग काउंसिल ने कोर्ट को जानकारी दी है कि 3 डॉक्टरों की टीम इलाज के लिए गठित कर दिया है. याचियों ने कोर्ट को बताया कि एसिड पीड़िता को 12 जून को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. याचिका में पीड़िता को समुचित इलाज के साथ ही मुआवजा देने की भी मांग की गई है. कोर्ट ने 15 जून को सुनवाई की अगली तिथि पर अब तक उठाये गए कदमों की जानकारी मांगी है. जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस अजित कुमार की खण्डपीठ ने आदेश दिया है.

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