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लखनऊ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी संगठन को विस्तार और मजबूती देने के लिए दो स्तरों पर काम कर रहे हैं। एक ओर तो वे उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को बूथ स्तर तक सक्रिय और सुदृढ़ करने के लिए प्रयत्नशील है तो दूसरी ओर अन्य प्रदेशो में भी संगठन का विस्तार करने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इससे समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय पहचान मिलने में देर नहीं होगी। राष्ट्रीय राजनीति में वैसे समाजवादी पार्टी का प्रभावी हस्तक्षेप रहता है और नीतियों के आधार पर वैचारिक राष्ट्रीय विकल्प है।

अखिलेश यादव के नेतृत्व में बिहार, गुजरात के अलावा कर्नाटक तथा उत्तराखण्ड में भी समाजवादी पार्टी पिछले दिनों चुनाव मैदान में उतरी थी। अब मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है। अखिलेश यादव 19 और 20 जुलाई को मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे वे भोपाल में मध्य प्रदेश के कार्यकर्ताओं से बात करेगंे और विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा होगी। छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी होने वाले विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी होगें।

समाजवादी पार्टी के दक्षिण भारत से लेकर सुदूर अंडमान निकोबार द्वीप समूह तथा लेह तक विस्तार की योजना है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, आंध्र प्र्रदेश, तेलंगाना में पार्टी की शाखाएं है। महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात में भी पार्टी के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि श्री अखिलेश यादव जी के बेदाग नेतृत्व से देश के किसान और  युवा प्रभावित है और वह समाजवादी पार्टी में सक्रिय होना चाहता है।

समाजवादी पार्टी सिद्धांत की राजनीति करती है जबकि भाजपा समाज का बांटने का एजेण्डा है। अभी गोरखपुर, फूलपुर, कैराना और नूरपुर में भाजपा की हार से तय हो गया है कि क्षेत्रीय दल भाजपा को रोकने की ताकत रखते हैं। जनता अब समाजवादी पार्टी को ही भाजपा का विकल्प मानकर उसका राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार चाहती है। इसे भाजपा अपने लिए चुनौती मानने  लगी है, तभी तो भाजपा और इसका पैतृक संगठन आर एस एस अखिलेश यादव को बदनाम करने का षडयंत्र रचने में व्यस्त है।



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